Published:
10 Mar 2026, 09:02 AM
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Updated:
10 Mar 2026, 09:03 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में इंटरनेशनल योग महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा। देश और विदेश से आए प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाएं सीखी और अपने शरीर और मन को संतुलित करने की कला में महारत हासिल की।
योग सत्रों के साथ-साथ प्रतिभागियों ने आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। आश्रम के शांत वातावरण में उन्होंने अध्यात्मिक ज्ञान का अनुभव भी किया, जो शरीर और मन दोनों के लिए शांति और ऊर्जा का स्रोत बन गया।
इस महोत्सव ने योग को सिर्फ एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन शैली और मानसिक संतुलन के रूप में पेश किया। प्रतिभागियों ने महसूस किया कि योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का संगम उन्हें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बना सकता है।
परमार्थ निकेतन आश्रम ने इस महोत्सव के माध्यम से पूरी दुनिया को संदेश दिया कि योग केवल शरीर की शारीरिक शक्ति नहीं बल्कि जीवन की आंतरिक ऊर्जा और संतुलन का मार्ग है।
