“ऋषिकेश योग महोत्सव में डॉ. राधिका नागरथ सम्मानित, विश्वभर में योग का बढ़ाया मान”

Published: 17 Mar 2026, 06:38 AM   |   Updated: 17 Mar 2026, 06:48 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

ऋषिकेश की पावन धरती पर जब योग और आध्यात्म की ऊर्जा एक साथ प्रवाहित होती है, तो वह सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि एक अनुभव बन जाता है। ऐसा ही दिव्य अनुभव देखने को मिला परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के समापन अवसर पर।

इस खास मौके पर हरिद्वार की प्रसिद्ध योगाचार्य, लेखिका और चिंतक डॉ. राधिका नागरथ को भारतीय संस्कृति और योग के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें ब्राज़ील से आए अंतरराष्ट्रीय योगाचार्य प्रेम बाबा और महोत्सव की मुख्य संयोजिका साध्वी भगवती सरस्वती द्वारा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में लॉस एंजेलिस से आए शिक्षाविद डॉ. क्रिस्टोफर को भी सम्मान प्रदान किया गया, जिससे इस आयोजन की अंतरराष्ट्रीय गरिमा और भी बढ़ गई।

 विश्वभर में योग का संदेश
डॉ. राधिका नागरथ ने अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी और दुबई जैसे देशों में भारतीय संस्कृति और योग का संदेश पहुंचाया है। उनके ज्ञान और अनुभव ने हजारों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा दी है।

 योग के गहरे रहस्य – सरल भाषा में
महोत्सव के दौरान दो दिनों तक उन्होंने देश-विदेश से आए साधकों को योग की विभिन्न विधाओं से परिचित कराया।
उन्होंने बताया कि कैसे पंचकोष संतुलन, प्राणायाम और माइंड साउंड रेजोनेंस तकनीक के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जिया जा सकता है।

योग घाट पर उन्होंने साधकों को योगिक जॉगिंग, आसन, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करवाया, जिससे वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।

पंचमहाभूत और हस्त मुद्राओं का विज्ञान
डॉ. नागरथ ने बेहद सरल तरीके से समझाया कि मानव शरीर पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश—से बना है।
उन्होंने बताया कि हमारी पांच उंगलियां इन तत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं और हस्त मुद्राओं के माध्यम से इनका संतुलन बनाया जा सकता है।

‘ॐ’ की गूंज से तनाव मुक्त जीवन
उन्होंने ‘ॐ’ की ध्वनि के अनुकंपन द्वारा तनाव दूर करने का अभ्यास करवाया, जिसे साधकों ने अत्यंत लाभकारी और सुकून देने वाला बताया।

 यह आयोजन केवल योग सीखने का मंच नहीं था, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला एक आध्यात्मिक अनुभव बन गया, जहां हर व्यक्ति अपने भीतर की शांति को महसूस कर सका।

आगामी 20 मार्च को डॉ. राधिका नागरथ गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा आयोजित गंगा रिसॉर्ट में भी योग सत्र में अपने विचार साझा करेंगी।

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