Published:
20 Apr 2026, 07:16 AM
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Updated:
20 Apr 2026, 07:17 AM
Category:
मनोरंजन व जीवनशैली
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By: Admin
देहरादून। हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सूचनाओं की बाढ़ है, लेकिन संवेदनाओं का अकाल। एक तरफ दुनिया के 50 से अधिक देश युद्ध और संघर्ष की आग में झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तकनीक से लैस इंसान एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से दूर होता जा रहा है। इसी बढ़ती दूरी और उदासीनता को कम करने के उद्देश्य से देहरादून में एक विशेष पहल 'Roots & Resonance' का आयोजन किया जा रहा है।
आज की वैश्विक स्थिति पर आत्म-मंथन करते हुए यह कार्यक्रम इस बात पर जोर देता है कि दुनिया में हो रहे संघर्ष केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि हमारी साझा मानवता के विखंडन का परिणाम हैं। जब हम दूसरों के दर्द को केवल एक 'न्यूज हेडलाइन' की तरह पढ़कर स्क्रॉल कर देते हैं, तो हम अनजाने में उदासीनता का शिकार हो जाते हैं। 'Roots & Resonance' इसी पैटर्न को तोड़ने और भीतर झाँकने का एक निमंत्रण है।
इतिहास गवाह है कि समाज में कोई भी स्थायी बदलाव तब तक संभव नहीं है, जब तक व्यक्ति स्वयं के भीतर परिवर्तन न लाए। इस आयोजन का मूल मंत्र है—"स्वयं को उपचारित करना ही समाज को उपचारित करना है।" हमारे भीतर समाज द्वारा थोपी गई शर्तें, अनसुलझे दर्द और भौतिकता की दौड़ ने एक ऐसा शोर पैदा कर दिया है, जो हमें अपनों से और स्वयं से दूर ले जाता है। 25 अप्रैल को देहरादून में होने वाला यह सत्र इन्हीं परतों को हटाने और आंतरिक संतुलन खोजने की एक कोशिश है।
इस संवाद को दिशा देने के लिए दो प्रमुख व्यक्तित्व मंच साझा करेंगे:
शेली अरोड़ा: 'Sitaaraa' और 'Satyee Organic Dairy Farm' की संस्थापक। ब्रांड निर्माण में दो दशकों का अनुभव रखने वाली शेली का कार्य प्रामाणिकता और मानवीय जुड़ाव पर आधारित है।
मिनी गुप्ता: 'Lightseed LLP' की संस्थापक। मिनी का मुख्य फोकस व्यक्तियों को उनके गहरे मूल्यों और सजग नेतृत्व (Conscious Leadership) के साथ जोड़ना है।
ये विशेषज्ञ प्रतिभागियों को केवल "बेहतर सोचने" के लिए नहीं, बल्कि एक "सजग जीवन जीने" के व्यावहारिक मार्ग दिखाएंगे।
यह केवल एक सेमिनार नहीं, बल्कि एक 'कॉन्शियस कम्युनिटी गैदरिंग' है जहाँ बातचीत सतही स्तर से ऊपर उठकर आत्मा तक पहुँचेगी।
दिनांक: 25 अप्रैल, 2026
समय: शाम 4:00 बजे
स्थान: WIC (World Integrity Center), देहरादून
मुख्य आकर्षण: माइंडफुल एक्सपीरियंस, अर्थपूर्ण संवाद और सामुदायिक जुड़ाव।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए सीटें सीमित रखी गई हैं ताकि संवाद की गहराई बनी रहे। यदि आप भी ठहरने, सोचने और खुद को पुन: संतुलित करने की इच्छा रखते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं:
निष्कर्ष: 'Roots & Resonance' हमें याद दिलाता है कि हम जो दुनिया बाहर देखते हैं, वह हमारी सामूहिक आंतरिक अवस्था का ही प्रतिबिंब है। क्या आप इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं?
