Published:
03 Dec 2025, 09:29 AM
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Updated:
03 Dec 2025, 09:28 AM
Category:
उत्तर प्रदेश
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By: Admin
मानसिक दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए उत्तराखंड की रोशनी सोसाइटी को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित डा. रीता पेशावरिया मेनन एवं श्रीमती प्रेमलता पेशावरिया राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।
यह सम्मान NIEPID (राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान) और परिवार महासंघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित नेशनल पैरेंट्स मीट में प्रदान किया गया।
28 से 30 नवंबर तक डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित इस सम्मेलन में देश के 25 राज्यों से आए 350 अभिभावकों और संस्थाओं ने हिस्सा लिया।
सम्मान समारोह में कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत, यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पंकज मारू, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी, NIEPID डायरेक्टर डॉ. मेजर रामकुमार और यूपी के दिव्यांग आयुक्त डॉ. हिमांशु शेखर झा मौजूद रहे।
पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र और 21,000 रुपये की सम्मान राशि शामिल है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में यह सम्मान प्राप्त करने वाली रोशनी सोसाइटी पहली संस्था बन गई है।
सम्मान ग्रहण करने के दौरान सोसाइटी की अध्यक्ष शिवानी पाल, उपाध्यक्ष हेमा परगांई, सचिव गोविंद मेहरा, सदस्य ममता धामी और विशेष बालक ओजस्विन मौजूद रहे।
अध्यक्ष शिवानी पाल ने कहा—
“यह पुरस्कार रोशनी की जिम्मेदारी को और बढ़ाता है।”
सचिव गोविंद मेहरा ने पुरस्कार को उन सभी मानसिक दिव्यांग बच्चों को समर्पित किया—
“जो आज भी समाज में उपेक्षा और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में उनके अधिकारों और पुनर्वास के लिए और तेज गति से काम करेगी।
सम्मेलन के दौरान गोविंद मेहरा को परिवार संस्था की राष्ट्रीय एक्ज़ीक्यूटिव काउंसिल का सदस्य भी चुना गया है।
जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
