रुद्रपुर में नकली NCERT किताबों का बड़ा भंडाफोड़: 4 करोड़ की किताबों से भरा गोदाम सील, कई राज्यों में होती थी सप्लाई

Published: 16 Mar 2026, 06:41 AM   |   Updated: 16 Mar 2026, 06:42 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

उत्तराखंड के रुद्रपुर में पुलिस और प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एनसीईआरटी किताबों के विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शनिवार रात हुई छापेमारी में करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध किताबें बरामद की गई हैं, जिन्हें अवैध रूप से छापा और अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।

संदिग्ध ट्रक से खुला पूरा मामला

पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस नियमित चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ले रही थी। ट्रक में बड़ी मात्रा में स्कूल की किताबें लदी हुई थीं।

जब पुलिस ने ड्राइवर से किताबों से जुड़े बिल और दस्तावेज मांगे, तो वे संदिग्ध पाए गए। कड़ी पूछताछ के बाद ड्राइवर ने कीरतपुर स्थित एक बड़े गोदाम के बारे में जानकारी दी, जहां से यह खेप लोड की गई थी।

रात में छापा, गोदाम किया गया सील

जानकारी मिलते ही पुलिस, तहसील प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात उस गोदाम पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान वहां भारी मात्रा में कक्षा 1 से 12 तक की एनसीईआरटी की किताबें मिलीं। शुरुआती जांच में किताबों की छपाई और कागज की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने गोदाम और ट्रक दोनों को तत्काल सीज कर दिया।

कई राज्यों में होती थी सप्लाई

जांच में यह भी सामने आया है कि इस गोदाम से नकली किताबों की सप्लाई सिर्फ उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थी।

बताया जा रहा है कि यहां से उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सहित कई राज्यों में इन किताबों को भेजा जा रहा था। बरामद ट्रक की खेप भी मेरठ भेजी जा रही थी।

विशेषज्ञ टीम करेगी जांच

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीईआरटी मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है।

मुख्यालय से आने वाली विशेषज्ञ टीम इन किताबों की वैज्ञानिक जांच करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये पूरी तरह नकली हैं या असली किताबों की अवैध छपाई।

बड़े सिंडिकेट की आशंका

तहसीलदार दिनेश कुटोला ने गोदाम और ट्रक को सीज करने की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस गोदाम मालिक से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अधिकारियों को शक है कि यह एक बड़े संगठित सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों में नकली शैक्षणिक किताबों का कारोबार चला रहा है।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

रुद्रपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। यदि ये नकली किताबें बाजार तक पहुंच जातीं, तो हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती और अभिभावकों के साथ बड़ा आर्थिक धोखा होता।

अब प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि इन किताबों की अवैध छपाई कहां हो रही थी और इस नेटवर्क के तार किन-किन शहरों और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े हैं।

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