रुद्रपुर में एसटीएफ का बड़ा धमाका: जनसेवा केंद्र की आड़ में बन रहे थे फर्जी आधार और पैन कार्ड; सिडकुल में नौकरी दिलाने वाला जालसाज गिरफ्तार!

Published: 18 Feb 2026, 10:45 AM   |   Updated: 18 Feb 2026, 10:46 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

सिडकुल की कंपनियों में नौकरी पाने की होड़ का फायदा उठाकर जालसाजी का बड़ा साम्राज्य खड़ा करने वाले एक गिरोह पर एसटीएफ ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के मछली बाजार में चल रहे एक जनसेवा केंद्र पर छापेमारी कर एसटीएफ ने फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह को सूचना मिली थी कि 'गंगवार जनसेवा केंद्र' पर पहचान पत्रों के साथ गंभीर छेड़छाड़ की जा रही है। दरोगा विपिन जोशी और कृष्ण गोपाल मठपाल की टीम ने मंगलवार को केंद्र पर अचानक दबिश दी। वहां से चेतन कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया गया, जो मूल रूप से रामपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

मोटी रकम लेकर बदल देता था नाम और पता पूछताछ में चेतन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों को सिडकुल की कंपनियों में स्थानीय दस्तावेजों की जरूरत होती थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वह हूबहू असली जैसे दिखने वाले फर्जी पैन और आधार कार्ड तैयार करता था। वह एडिटिंग के जरिए लोगों के मूल दस्तावेजों में नाम और पते बदलकर उन्हें कंपनियों में भर्ती करवा देता था।

कंप्यूटर और संदिग्ध दस्तावेजों का जखीरा बरामद एसटीएफ ने जनसेवा केंद्र से कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

रडार पर अब 'सिडकुल' की भर्तियाँ इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह खंगाल रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों की आईडी बदली है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किन-किन कंपनियों में लोग नौकरी पा चुके हैं? एसटीएफ अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो सिडकुल के भीतर इस खेल में शामिल हो सकते हैं।

पहचान पत्रों के साथ छेड़छाड़ न केवल अपराध है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जीवाड़े के दम पर नौकरी पाने वालों पर भी गाज गिर सकती है।

वीडियो और देखें
×