बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में साधू संतों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Published: 05 Jul 2026, 09:52 AM
Category: राज्य   |   By: Admin

हरिद्वार। बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में हरिद्वार में साधु संतों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। संतों का कहना है कि बदरीनाथ धाम में लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था है और यहां बड़े पैमाने पर चढ़ना भी आता है। ऐसे में अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी के बाद बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की शिकायतों की भी एसआईटी बनाकर जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों को मिलनी चाहिए. एक धार्मिक संगठन भैरव सेना की ओर से बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को दी गई शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अयोध्या राम मंदिर के बाद उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के बाद अब हरिद्वार के साधु संतों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि भगवान बदरीनाथ का धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपने सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अब समाज को सोचने के लिए विवश होना पड़ेगा। मामले की केवल विभागीय जांच तक सीमित न रखकर मुख्यमंत्री को एसआईटी का गठन करके निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम के विकास के लिए सराहनीय प्रयास किए, इसलिए साधु संत भी इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने इस मामले की जांच बैठाई है, उसका स्वागत है। उन्हें आशा है कि यदि उत्तराखंड सरकार भी इस मामले में सख्ती से कदम उठाएगी तो, इस प्रकार की घटनाएं नहीं होंगी। सामान्य मंदिरों में कर्मचारियों द्वारा चोरी तो आम बात है, लेकिन चारधाम में तो देश के करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था है। इसलिए यहां ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से उन्हें आशा है कि अब मंदिर की बागडोर अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए और निगरानी भी बढ़ाई जाए।

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