Published:
11 Feb 2026, 12:36 PM
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Updated:
11 Feb 2026, 12:37 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का तभी होगा, जब प्रदेश की नारी शक्ति तकनीकी रूप से सशक्त होगी। सुद्धोवाला स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में सीएम ने कहा कि भारत में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में 42-43 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
क्यूरी चैट बॉट: बेटियों का 'डिजिटल' करियर गाइड मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर AI-आधारित ‘क्यूरी चैट बॉट’ का शुभारंभ किया। यह चैट बॉट छात्राओं को करियर मार्गदर्शन और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्रदान करेगा। सीएम ने कहा कि डिजिटल इंडिया के दौर में बेटियाँ अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता (Creators) बन रही हैं।
धरा पर उतर रही हैं घोषणाएं:
हर जिले में छात्रवृत्ति: प्रत्येक जनपद की 5 छात्राओं को विशेष छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्टार्टअप को सहारा: STEM क्षेत्र में नए प्रयोग करने वाली छात्राओं को सरकार धन की कमी नहीं होने देगी।
SHG और तकनीक का मेल: महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा जाएगा ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तकनीक का प्रवेश हो।
लखपति दीदी से लेकर साइंस सिटी तक मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में 1.67 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। उन्होंने देहरादून में बन रही देश की पांचवीं साइंस सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड को वैश्विक मानचित्र पर विज्ञान और नवाचार का केंद्र बनाएगा।
इतिहास से प्रेरणा, भविष्य की तैयारी सीएम ने गार्गी, मैत्रेयी और लीलावती जैसी विदुषियों से लेकर 'मिसाइल वुमन' टेसी थॉमस और 'रॉकेट वुमन' ऋतु करिधल का उदाहरण देते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 'विकल्प रहित संकल्प' के साथ बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
