भारत-नेपाल सीमा पर नशा तस्करी का भंडाफोड़: एसएसबी ने दबोचा नेपाली नागरिक।

Published: 20 Feb 2026, 12:30 PM   |   Updated: 20 Feb 2026, 12:32 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

बनबसा। भारत-नेपाल सीमा पर जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां नशे की तस्करी करने वाले अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सतर्क जवानों ने एक बार फिर तस्करों की कमर तोड़ दी है। धनुष पुल के समीप केनाल कॉलोनी मार्ग पर जवानों ने एक ऐसी ही साजिश को नाकाम करते हुए एक नेपाली तस्कर को भारी मात्रा में नशीली दवाओं के साथ दबोच लिया।

संदिग्ध चाल ने खोली पोल

वाकया रात की गश्त के दौरान का है, जब बंगाली बस्ती चौकी क्षेत्र में एसएसबी के जवान मुस्तैदी से तैनात थे। इसी दौरान उन्हें केनाल कॉलोनी की ओर से एक संदिग्ध व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। जवानों ने जब उसे रुकने का इशारा किया तो वह घबराने लगा। शक गहराने पर जवानों ने उसकी सघन तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 118 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए।

मुनाफे की लालच में बना तस्कर

पकड़े गए आरोपी की पहचान 35 वर्षीय घनश्याम पुत्र अज्ञात, निवासी महेंद्रनगर, जिला कंचनपुर (नेपाल) के रूप में हुई है। एसएसबी की प्राथमिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह सीमावर्ती भारतीय बाजारों से ये प्रतिबंधित इंजेक्शन कम दाम में खरीदता था और सरहद पार नेपाल के इलाकों में इन्हें ऊंचे दामों पर नशे के शौकीनों को बेचता था।

एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा

एसएसबी ने कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद आरोपी और बरामद माल को बनबसा थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आरोपी भारत में किन स्रोतों से ये दवाएं हासिल कर रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।

अधिकारी का कथन: "सीमा पर तस्करों की हर संदिग्ध गतिविधि पर हमारी पैनी नजर है। नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए गश्त और चेकिंग को और सख्त किया गया है।" — एसएसबी प्रवक्ता

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