सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं होतीं, वे अनगिनत परिवारों के सपनों की डोर होती हैं। जब इन सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोडिंग का खेल खेला जाता है, तो खतरे सिर्फ कानून के लिए नहीं, बल्कि हर उस मासूम जिंदगी के लिए होते हैं जो घर लौटने की उम्मीद में सफर कर रही होती है।
इन्हीं खतरों पर लगाम कसने के लिए अजय गणपति के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘रोड सेफ्टी मिशन’ को आईटीआई थाना पुलिस ने नई धार दे दी है। प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी और अपर उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने सड़कों पर उतरकर ओवरलोडिंग माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी।
कार्रवाई इतनी सख्त और रणनीतिक रही कि अब तक रिकॉर्ड 57 ओवरलोड वाहनों को सीज कर सड़क से बाहर कर दिया गया है। यह महज आंकड़ा नहीं, बल्कि उन संभावित हादसों को टालने की कहानी है जो कभी भी किसी परिवार को उजाड़ सकते थे।
प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी की सूझबूझ और रणनीतिक प्लानिंग ने अभियान को धार दी, वहीं अपर उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह की फील्ड पर सक्रियता ने कार्रवाई को गति दी। पुलिस की इस मुस्तैदी से वाहन स्वामियों और ओवरलोडिंग में लिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है। अब वे बचने के रास्ते तलाशते नजर आ रहे हैं।
जनपद में साफ संदेश है—
सड़क पर नियमों का सम्मान ही सुरक्षा की गारंटी है।
खाकी का यह अभियान सिर्फ कानून लागू करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन की सुरक्षा का संकल्प है। कप्तान के इस नए दौर में यह स्पष्ट हो चुका है कि अगर नियमों को रौंदने की कोशिश हुई, तो कार्रवाई और भी सख्त होगी।
सड़क सुरक्षा अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि जन-जन की जिम्मेदारी बन चुकी है—और आईटीआई थाना पुलिस इसे पूरी शिद्दत से निभा रही है।
