Published:
09 Mar 2026, 10:31 AM
|
Updated:
09 Mar 2026, 10:32 AM
Category:
अंतरराष्ट्रीय
|
By: Admin
कौवों की सफाई ब्रिगेड
स्वीडन के सोडर्टेलजे शहर में इंसानों द्वारा फैलाई गंदगी से निपटने के लिए कौवों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ये कौवे अब शहर के "सफाई कर्मचारी" बन गए हैं। इन्हें सड़कों पर गिरे सिगरेट के बट उठाने और उन्हें खास मशीन में डालने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। काम सही तरीके से पूरा करने पर कौवों को मूंगफली जैसे इनाम मिलते हैं।
कैसे काम करती है यह बर्ड मशीन?
इस प्रयोग को Corvid Cleaning नामक स्टार्टअप ने शुरू किया है। मशीन कौवों की सीखने की क्षमता पर काम करती है। जब कौवा सिगरेट का टुकड़ा सही डस्टबिन में डालता है, तो मशीन उसे मूंगफली का इनाम देती है। यदि कौवा गलती से कुछ और डालता है, तो कोई इनाम नहीं मिलता।
कौवों की बुद्धिमत्ता
वैज्ञानिकों के अनुसार कौवे और मैगपाई दुनिया के सबसे बुद्धिमान जीवों में से हैं। उनकी सीखने की क्षमता 7 साल के बच्चे के बराबर होती है। वे एक-दूसरे से जल्दी सीखते हैं और रिवॉर्ड सिस्टम को समझ सकते हैं।
शहर की सफाई और लागत में कमी
स्वीडन में हर साल 1 अरब से अधिक सिगरेट के बट सड़कों पर फेंके जाते हैं। इंसानों द्वारा इन्हें साफ करवाने में भारी खर्च आता है। Corvid Cleaning के संस्थापक क्रिश्चियन गुंथर-हैनसेन का कहना है कि कौवों की मदद से सफाई खर्च में 75% तक की कमी संभव है।
पक्षियों की सुरक्षा
कुछ पर्यावरणविदों ने चिंता जताई कि सिगरेट के जहर से कौवों की सेहत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, टीम सुनिश्चित कर रही है कि कौवे केवल मशीन में डालें, निगलें नहीं। क्रिश्चियन के अनुसार यह काम स्वैच्छिक है, और कौवे खुद समझते हैं कि इनाम कहां से मिलेगा।
