Published:
20 Feb 2026, 12:43 PM
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Updated:
20 Feb 2026, 12:45 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
नई टिहरी/घनसाली। उत्तराखंड के शांत पहाड़ों और सुरक्षित समझे जाने वाले गांवों से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी का सिर शर्म से झुका दिया है। थाना घनसाली क्षेत्र के एक गांव में रिश्तों का ऐसा कत्ल हुआ कि सुनने वालों की रूह कांप गई। एक 14 वर्षीय नाबालिग, जो अपने चाचा को पिता समान सम्मान देती थी, उसी ने उसकी मासूमियत को रौंद डाला। इस घृणित कृत्य ने न केवल समाज को कलंकित किया है, बल्कि पहाड़ के गांवों में बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, किशोरी बीते सोमवार की शाम अपने चाचा के घर टॉर्च चार्ज करने गई थी। घर में कोई और मौजूद नहीं था। सूना घर देख चाचा के भीतर का इंसान मर गया और उसने अपनी सगी भतीजी के साथ जोर-जबरदस्ती शुरू कर दी। मासूम के विरोध और चीख-पुकार के बावजूद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इस भयावह हादसे से टूटने के बजाय, पीड़िता ने अदम्य साहस का परिचय दिया। वह 17 फरवरी को खुद थाना चौकी लाटा चमियाला पहुंची और पुलिस को अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाई। थानाध्यक्ष अजय कुमार जाटव ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। पीड़िता को पहले बेलेश्वर अस्पताल और फिर मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल नई टिहरी भेजा गया।
पुलिस ने बुधवार को मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों को आधार बनाते हुए आरोपी चाचा को उसके घर से दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने की विफलता है। जब सगे रिश्ते ही असुरक्षित हो जाएं, तो समाज किस पर भरोसा करे? पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, लेकिन न्याय तभी पूरा होगा जब आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले।
