“इंडिगो की हड़ताल से एयरलाइन की छवि पर लगा बड़ा झटका”

Published: 11 Dec 2025, 10:18 AM   |   Updated: 11 Dec 2025, 10:17 AM
Category: राष्ट्रीय   |   By: Admin

  • देश में प्रतिदिन 4,000 से अधिक उड़ानों में आधी से ज्यादा इंडिगो की

  • DGCA के 2023 आंकड़ों के अनुसार इंडिगो का हवाई सेवा पर कब्जा 65%

  • कर्मचारियों की मांगों के अनसुने रहने से हड़ताल, तकनीकी या मौसम का कोई संबंध नहीं

    देश में प्रतिदिन लगभग 4,000 उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें आधे से अधिक इंडिगो की हैं। DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, हवाई सेवा में इंडिगो का हिस्सा 65% है, यानी हर 100 यात्री में 65 केवल इंडिगो की उड़ानों से यात्रा कर रहे हैं।

    हाल ही में कर्मचारियों की हड़ताल ने एक बार फिर विमानन क्षेत्र में सवाल खड़े कर दिए हैं। पायलट, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ ने काम का बढ़ता बोझ, वेतन और सुविधाओं में कमी की शिकायत की। हड़ताल का असर सीधे यात्रियों पर पड़ा और एयरलाइन की प्रतिष्ठा को झटका लगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या का मूल कारण एयरलाइन प्रबंधन और सरकार द्वारा कर्मचारियों की शिकायतों को समय पर न सुनना है। यदि विवाद समय रहते हल हो जाता, तो न केवल यात्रियों को परेशानी नहीं होती, बल्कि एयरलाइन की साख भी सुरक्षित रहती।

    विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि विमानन क्षेत्र में सुधार के लिए कर्मचारियों का सम्मान और यात्रियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित किए जाने चाहिए। सरकार, एयरलाइन और कर्मचारियों के बीच भरोसा और संवाद ही ऐसे विवादों को रोकने का उपाय है।

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