Published:
19 Feb 2026, 10:12 AM
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Updated:
19 Feb 2026, 10:14 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
नई दिल्ली। अगर कोई आपकी जानकारी के बिना आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर बदलने या बैंक केवाईसी अपडेट करने की कोशिश करता है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक ऐसा 'डिजिटल बॉडीगार्ड' तैयार कर रहा है, जो खतरे को भांपते ही आपको खुद फोन करेगा। UIDAI अपने एआई चैटबॉट “आधार एआई मित्र” को नई और अभेद्य सुरक्षा सुविधाओं से लैस करने जा रहा है।
इस नई तकनीक का सबसे क्रांतिकारी हिस्सा है 'कॉल-बैक वेरिफिकेशन सिस्टम'।
कैसे करेगा काम: जैसे ही आपके आधार से जुड़ा कोई अपडेट या ऑथेंटिकेशन (जैसे बैंक या सेवा केंद्र पर) होगा, एआई चैटबॉट तुरंत आपको कॉल करेगा।
तुरंत एक्शन: यदि आप कॉल पर पुष्टि करते हैं कि यह बदलाव आपने नहीं किया है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जनरेट कर देगा और वह प्रक्रिया रोक दी जाएगी। यह फीचर उन फ्रॉड मामलों में गेम-चेंजर साबित होगा जहाँ बिना अनुमति के डेटा बदल दिया जाता है।
अब तक 'आधार मित्र' केवल हिंदी और अंग्रेजी में बात करता था, लेकिन जल्द ही यह बहुभाषी (Multilingual) हो जाएगा। हाल ही में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में इसे बंगाली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में बातचीत करते देखा गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के उन करोड़ों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो भाषा की वजह से डिजिटल सेवाओं से कतराते थे।
वर्तमान में हम इस चैटबॉट का उपयोग आधार डाउनलोड, पीवीसी कार्ड ऑर्डर या नजदीकी केंद्र खोजने के लिए करते हैं। लेकिन नए अपडेट के बाद इसकी भूमिका बदल जाएगी:
बायोमेट्रिक सुरक्षा: संदिग्ध छेड़छाड़ पर तत्काल यूजर को सूचित करना।
सक्रिय निगरानी: मोबाइल नंबर या एड्रेस अपडेट की रियल-टाइम पुष्टि।
धोखाधड़ी पर लगाम: पहचान चोरी (Identity Theft) के मामलों में भारी कमी।
UIDAI के नए मोबाइल ऐप ने भी सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार:
कुल डाउनलोड: 1 करोड़ 40 लाख से अधिक।
डेली यूजर बेस: रोजाना लगभग 1 लाख नए लोग ऐप से जुड़ रहे हैं।
"हमारा लक्ष्य आधार को न केवल एक पहचान पत्र, बल्कि एक सुरक्षित डिजिटल कवच बनाना है। कॉल-बैक वेरिफिकेशन सिस्टम से आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत होगा।" — UIDAI अधिकारी
