Published:
10 Feb 2026, 11:48 AM
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Updated:
10 Feb 2026, 11:50 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून:
अधिशासी अभियंता के रिक्त पदों पर वर्षों से लंबित पदोन्नति और अन्य मांगों के निस्तारण न होने से नाराज उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सोमवार को यूपीसीएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले एसोसिएशन की ओर से प्रबंधन को नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन समाधान न निकलने पर अभियंताओं ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
गेट मीटिंग की अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता नवीन मिश्रा ने की। इस दौरान एसोसिएशन के महासचिव राहुल चानना ने कहा कि वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार अंतिम वरिष्ठता सूची जारी हो चुकी है और इस पर किसी भी प्रकार का स्थगन आदेश लागू नहीं है।
उन्होंने बताया कि पदोन्नत सहायक अभियंताओं की ओर से दायर अवमानना याचिका भी 3 जनवरी 2026 को खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जबकि हर वार्ता में जल्द पदोन्नति का आश्वासन दिया गया था।
महासचिव ने आरोप लगाया कि एसोसिएशन लगातार संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास करता रहा है, लेकिन वर्षों के इंतजार के बावजूद पदोन्नति नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को विभागीय संयोजन, प्रारंभिक इंक्रीमेंट और स्थायीकरण जैसे मुद्दों पर भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर ने बताया कि अंतिम वरिष्ठता सूची जारी होने और पात्रता पूरी होने के बावजूद सीधी भर्ती के सहायक अभियंता पिछले 16 वर्षों से पहली पदोन्नति से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेशन में अधिशासी अभियंता के 93 स्वीकृत पदों में से करीब 40 पद रिक्त हैं, जिसके चलते कई अभियंताओं को दोहरा कार्यभार संभालना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक अधिशासी अभियंता के रिक्त पदों पर पदोन्नति और अन्य लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के दूसरे चरण में 10 फरवरी 2026 को यूपीसीएल मुख्यालय में विरोध सभा आयोजित की जाएगी।
