Published:
17 Feb 2026, 06:12 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 06:35 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए नैनीताल प्रशासन ने कमर कस ली है। जजी कोर्ट हल्द्वानी में होने वाले मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता को रोकने के लिए नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी ने धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन को आशंका है कि कुछ अवांछनीय तत्व चुनावी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे देखते हुए यह 'सुरक्षा चक्र' तैयार किया गया है।
200 मीटर का घेरा: मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा।
भीड़ पर रोक: बिना अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
शोर-शराबे पर लगाम: चुनाव क्षेत्र में नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग और भड़काऊ भाषण देना अब भारी पड़ सकता है।
हथियार और अफवाह: क्षेत्र में हथियार लेकर घूमने और भ्रामक साहित्य या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
प्रशासन ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतदान स्थल के पास इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग पर भी रोक लगा दी है। केवल चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के मुताबिक, यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है।
उत्तराखंड बार काउंसिल का चुनाव राज्य के अधिवक्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जजी कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी दबाव या डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
