Published:
21 Feb 2026, 08:53 AM
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Updated:
21 Feb 2026, 08:56 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड में न्याय और कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड में राज्य सरकार द्वारा एक असंबद्ध शिकायतकर्ता की शिकायत पर सीबीआई जांच की संस्तुति करना और अंकिता के माता-पिता को प्रक्रिया से बाहर रखना कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है। भाकपा (माले) का कहना है कि जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए और जांच का आधार माता-पिता का मुख्यमंत्री को दिया पत्र होना चाहिए।
राज्य में लगातार सांप्रदायिक उन्माद भड़काने के प्रयास देखे जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है। अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ़ ऑर्गेनाइज्ड हेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वर्ष 2025 में सर्वाधिक नफरत भरे भाषण देने वाला व्यक्ति करार दिया। कोटद्वार के दीपक कुमार जैसे युवा इस सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ खड़े होकर समाज के लिए उम्मीद की किरण बने हैं।
उत्तराखंड में हो रही आपराधिक घटनाओं से कानून व्यवस्था की कमी उजागर होती है। देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में हुए हत्याकांड और योजना बना कर किए जाने वाले अपराधों के मामले यह दर्शाते हैं कि राज्य में इंटेलिजेंस तंत्र प्रभावी नहीं है।
बिंदुखत्ता, बागजाला, पुछड़ी और ऋषिकेश के बापू ग्राम जैसे इलाकों में लोग जमीन के मालिकाना अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भाकपा (माले) ने कहा कि गरीब और भूमिहीन लोगों को बुलडोजर से उजाड़ना बंद किया जाना चाहिए और बिना वैकल्पिक इंतजाम के किसी को विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए।
राज्य में उच्च पदों पर नियुक्तियों में भ्रष्टाचार चरम पर है। हाल ही में उच्च न्यायालय ने पिटकुल के प्रबंध निदेशक पद पर प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति नियम-विरोधी करार देते हुए उन्हें हटाने का आदेश दिया।
केंद्र सरकार के यूजीसी विनियम उच्च शिक्षण संस्थानों में समता स्थापित करने के लिए जरूरी हैं। भाकपा (माले) का कहना है कि उच्च शिक्षा में भेदभाव और उत्पीड़न को रोकना आवश्यक है, जबकि विरोध करने वाली ताकतें इसे बनाए रखना चाहती हैं।
भाकपा (माले) राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी, नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पांडेय, राज्य कमेटी सदस्य के.के. बोरा और आकाश भारती ने प्रेस वार्ता में हिस्सा लिया।
भाकपा (माले) का संदेश स्पष्ट है – न्याय, कानून, समाज और शिक्षा में असमानता और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जाए, और राज्य की जनता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
