Published:
28 Feb 2026, 05:58 PM
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Updated:
01 Mar 2026, 04:17 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
खनन रॉयल्टी पर जीएसटी वसूली के मुद्दे पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की द्वैधपीठ, मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय ने “स्टोन क्रशर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य” मामले में विवादित जीएसटी वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता फैजुल हक़ और अधिवक्ता संजीव कुमार अग्रवाल ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि खनन रॉयल्टी पर जीएसटी लगाए जाने का आदेश विधि-संगत नहीं है और उसके आधार पर की जा रही वसूली से उद्योग को गंभीर आर्थिक क्षति हो रही है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, विवादित आदेश के आधार पर की जा रही जीएसटी वसूली पर अगली सुनवाई तक स्टे (रोक) लगा दिया गया।
हाईकोर्ट का यह आदेश याचिकाकर्ता स्टोन क्रशर इकाई के लिए महत्वपूर्ण अंतरिम राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे अंतिम निर्णय तक जीएसटी वसूली की कार्रवाई स्थगित रहेगी। खनन और स्टोन क्रशर उद्योग से जुड़े कारोबारी इस मामले को प्रदेश में खनन कराधान नीति पर प्रभाव डालने वाला अहम निर्णय मान रहे हैं।
