धामी सरकार का 'मिशन पहाड़': चमियाला में खुलेगा पार्किंग का रास्ता, डीडीहाट में बनेगा हाईटेक टैक्सी स्टैंड; सचिव आवास ने कसी कमर

Published: 02 Mar 2026, 03:26 PM   |   Updated: 02 Mar 2026, 03:27 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून: प्रदेश के पर्वतीय नगरों में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने के लिए धामी सरकार ने 'ग्राउंड जीरो' पर काम तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप, आवास विभाग ने लंबित पड़ी बड़ी परियोजनाओं की बाधाएं दूर कर उन्हें धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में टिहरी और पिथौरागढ़ जनपद की दो बड़ी परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

चमियाला: व्यापार मंडल और सरकार के बीच बनी सहमति टिहरी गढ़वाल की नगर पंचायत चमियाला में प्रस्तावित बहुद्देशीय पार्किंग, जो लंबे समय से भूमि स्वामित्व के पेच में फंसी थी, अब जल्द मूर्त रूप लेगी। ₹166.93 लाख की इस योजना के लिए व्यापार मंडल और नगर पंचायत के बीच आपसी समन्वय बन गया है। व्यापार मंडल ने मीटिंग हॉल और शौचालय निर्माण की शर्त पर भूमि देने की सहमति दे दी है। सचिव आवास ने निर्देश दिए हैं कि तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए।

डीडीहाट: अब ₹612 लाख से बनेगा 'समेकित परिवहन केंद्र' पिथौरागढ़ के डीडीहाट में टैक्सी स्टैंड को अब केवल एक स्टैंड के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस 'समेकित परिवहन केंद्र' (Integrated Transport Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले इसकी लागत कम थी, लेकिन भविष्य की जरूरतों और सुरक्षा मानकों को देखते हुए अब ₹612.48 लाख का संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है। वर्तमान में यह फाइल तकनीकी समीक्षा प्रकोष्ठ (TAC) के पास अनुमोदन हेतु भेजी गई है, जहां से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

विकास से खुलेगा स्वरोजगार का मार्ग आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और पर्यटन प्रबंधन का आधार हैं। उन्होंने कहा:

"मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में पर्वतीय क्षेत्रों का संतुलित विकास शीर्ष पर है। हम पारदर्शी तरीके से भूमि और तकनीकी बाधाओं को दूर कर रहे हैं ताकि जनता को सीएम घोषणाओं का लाभ समय पर मिल सके।"

पहाड़ की सुधरेगी सूरत इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि चारधाम यात्रा और सीमांत क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का यह कदम उत्तराखंड के पर्वतीय शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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