Published:
11 Feb 2026, 12:29 PM
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Updated:
11 Feb 2026, 12:32 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब छुट्टियों के नाम पर होने वाली लंबी मौज-मस्ती बीते दिनों की बात होने वाली है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों को एक समान करने का एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस नए बदलाव का सबसे बड़ा असर यह होगा कि अब पहाड़ और मैदान के स्कूलों के बीच छुट्टियों का वर्षों पुराना अंतर खत्म हो जाएगा।
NEP के मानकों ने बढ़ाई विभाग की टेंशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 200 दिन की पढ़ाई अनिवार्य है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के मुताबिक, वर्तमान व्यवस्था में स्कूलों को पढ़ाई के लिए केवल 184 दिन ही मिल पा रहे हैं। इसी 16 दिनों की कमी को पूरा करने के लिए अब दीर्घकालीन अवकाश के कुल 48 दिनों को घटाकर केवल 32 दिन किया जा रहा है।
नया अवकाश शेड्यूल: कब बंद रहेंगे स्कूल? प्रस्तावित योजना के तहत साल में दो बार 16-16 दिन की छुट्टियां मिलेंगी:
गर्मी की छुट्टियां: 15 जून से 30 जून।
सर्दियों की छुट्टियां: 1 जनवरी से 16 जनवरी।
दिनों का गणित: ऐसे पूरी होगी 200 दिन की पढ़ाई विभाग द्वारा जारी नए वार्षिक टाइम टेबल में कुल 251 कार्यदिवस रखे गए हैं। इनमें से:
30 दिन: परीक्षा और मूल्यांकन के लिए।
10 दिन: 'बस्ता रहित' (Bagless Days) गतिविधियां।
11 दिन: आपदा, कांवड़ मेला और अन्य स्थानीय अवकाश। इन सभी को काटकर छात्रों के लिए पूरे 200 दिन कक्षा में पढ़ाई के लिए उपलब्ध होंगे।
चुनौती: पहाड़ की बर्फबारी और कड़ाके की ठंड हालांकि, विभाग के इस फैसले से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विरोध के स्वर उठ सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के कारण पहले लंबी सर्दियों की छुट्टियां दी जाती थीं। अब केवल 16 दिन की छुट्टी में पहाड़ के विषम भूगोल के साथ तालमेल बिठाना शिक्षकों और अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, जिलों से फीडबैक आने के बाद अंतिम प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
