Published:
17 Feb 2026, 07:57 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 08:13 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और आपदा से क्षतिग्रस्त ढांचों के पुनर्निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई, जिसमें आपदा न्यूनीकरण और मोचन निधि (SDRF) से जुड़े दर्जनों प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के उन प्रस्तावों को हरी झंडी दी, जो आवासीय बस्तियों को बचाने के लिए बेहद जरूरी हैं:
उत्तरकाशी: हर्षिल में भागीरथी और नौगांव में बनाल गाड के तटों पर सुरक्षा कार्य के लिए ₹11.94 करोड़।
देहरादून (रायपुर/धर्मपुर): रिस्पना, सौंग, सुस्वा और बाल्दी नदियों के किनारों पर सुरक्षा दीवारों और सीसी ब्लॉक निर्माण के लिए लगभग ₹25 करोड़ का बजट।
चमोली/चंपावत: गैरसैंण में रामगंगा और पूर्णागिरी में हुड्डी नदी से हो रहे कटाव को रोकने के लिए विशेष प्रावधान।
आपदा प्रबंधन कार्यों में तेजी लाने के लिए समिति ने अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को कुल ₹92.50 करोड़ की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है। इससे जिलों में स्थानीय स्तर पर लंबित आपदा कार्यों को तुरंत पूरा किया जा सकेगा।
हरिद्वार के खानपुर विधानसभा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त एप्रोच और असुरक्षित पुलों की मरम्मत के लिए ₹6.77 करोड़ मंजूर किए गए हैं। वहीं, सिडकुल बहादराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में बरसाती नालों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।
नैनीताल एडमिनिस्ट्रेशन अकादमी: नैनीताल स्थित आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की गतिविधियों के लिए ₹44.50 लाख।
नया झूला पुल: बेलखेत में क्वैराला नदी पर 85 मीटर स्पान के पैदल झूला पुल निर्माण के लिए ₹4.82 करोड़ को मंजूरी मिली, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की राह आसान होगी।
"सरकार का मुख्य उद्देश्य आपदा की तैयारी और क्षमता निर्माण को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। स्वीकृत बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आमजन को सुरक्षा मिल सके।" — आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव
