Published:
17 Feb 2026, 11:48 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 11:50 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड की सड़कों पर अब सिर्फ गाड़ियाँ नहीं, बल्कि 'भविष्य का ट्रांसपोर्ट' दौड़ने वाला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप, राज्य के प्रमुख शहरों—देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश—को जाम मुक्त और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक बड़ी ट्रांसपोर्ट क्रांति की आधारशिला रख दी गई है।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने हाल ही में एक हाई-लेवल बैठक में इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा की:
ई-बीआरटीएस (E-BRTS): इलेक्ट्रिक बसों के लिए विशेष कॉरिडोर, जिससे देहरादून और हरिद्वार के यात्रियों को बिना ट्रैफिक में फंसे तेज सफर की सुविधा मिलेगी।
पीआरटी (PRT - पॉड टैक्सी): भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए आधुनिक 'पॉड टैक्सी' सिस्टम, जो जमीन से ऊपर हवा में सफर का अनुभव देगा।
रोपवे (Ropeway): मसूरी और ऋषिकेश जैसे पर्यटन स्थलों के लिए इको-फ्रेंडली रोपवे नेटवर्क, जिससे पहाड़ों की चढ़ाई सुगम और रोमांचक होगी।
यह सिर्फ कागजी योजना नहीं है। आवास सचिव ने खुद आईएसबीटी से मसूरी डायवर्जन कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UKMRC): इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहा है।
पर्यावरण का खास ख्याल: सभी प्रोजेक्ट्स 'ग्रीन मोबिलिटी' पर आधारित हैं, ताकि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और शुद्ध हवा बनी रहे।
इस आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क के तैयार होने से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा। धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड को 'स्मार्ट और सस्टेनेबल स्टेट' बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
