Published:
24 Feb 2026, 10:23 AM
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Updated:
24 Feb 2026, 10:25 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा दांव खेला है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी गई। इस कार्ययोजना का मुख्य फोकस आजीविका सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों के विकास पर रहेगा।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक 2.5 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' के रूप में विकसित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
REAP परियोजना से जुड़ी महिलाओं को केंद्र और राज्य की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिले।
सभी विभागीय योजनाओं का प्रभावी 'कन्वर्जेंस' (समेकन) किया जाए ताकि लाभार्थियों को दोहरा लाभ मिल सके।
ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से स्थायी रूप से बाहर निकालने के लिए ठोस होमवर्क और रणनीति तैयार की जाए।
वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में मनाया जाना है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए विशेष रणनीति बनाने को कहा है।
"समान कार्य करने वाले समूहों की पहचान कर उन्हें तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत प्रोत्साहन दिया जाएगा। जनपदों में समूहों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए।" — आनंद बर्धन, मुख्य सचिव
पलायन रोकने और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निष्क्रिय पड़े ग्रोथ सेंटरों को दोबारा जीवित करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ऐसे सेंटरों की पहचान कर उन्हें 'हाउस ऑफ हिमालय' के माध्यम से सक्रिय किया जाए। इससे कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे लघु उद्यमों को बाजार और बेहतर मंच मिल सकेगा।
बजट: ₹677.75 करोड़ की कार्ययोजना स्वीकृत।
फोकस: कृषि, गैर-कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित लघु उद्यम।
रणनीति: पलायन रोकथाम के लिए ग्रामोत्थान परियोजना को गति देना।
उपस्थिति: सचिव डी.एस. गब्रियल, अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान आदि।
यह बजट केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों में स्वरोजगार की नई पौध तैयार करने की कोशिश है। 'लखपति दीदी' और 'हाउस ऑफ हिमालय' का तालमेल न केवल महिलाओं को सशक्त करेगा, बल्कि राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।
