Published:
16 Mar 2026, 07:47 AM
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Updated:
16 Mar 2026, 07:48 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
16 मार्च 2026 को सीमांत मुख्यालय Border Security Force, रानीखेत के तत्वावधान में 55वीं वाहिनी BSF, पिथौरागढ़ द्वारा “व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग अभियान (तरणी)–2026” का भव्य शुभारंभ Jouljibi में किया गया। यह अभियान सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों और जवानों की नदी संचालन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि Ashish Kumar Bhatgai उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता Amit Kumar ने की। अन्य गणमान्य अतिथियों में Sudhanshu Nautiyal, सेना और आईटीबीपी अधिकारी, पुलिस अधीक्षक Akshay Konde, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल रहे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्र की दुर्गम नदीय क्षेत्रों में संचालन क्षमता को सुदृढ़ करना, तेज जलधाराओं में Swift Water Rescue की क्षमता विकसित करना और आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रतिभागियों को 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक गोरी नदी पर विशेष पूर्व-अभ्यास (Pre-Expedition Training) कराया गया, जिसमें राफ्ट संचालन, बचाव तकनीक, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कुल प्रतिभागी: 38
राफ्ट: 6
कायकिंग: 2
नदी मार्ग: जौलजीबी से सीमा चौकी बूम (~150 किलोमीटर)
अवधि: 16 मार्च से 19 मार्च 2026
मार्ग के मुख्य चरण: जुलाघाट, पंचेश्वर, बूम
अभियान में SDRF और BSF की RRT टीम चिन्हित स्थानों पर तैनात हैं। प्रत्येक राफ्ट में प्रशिक्षित दल, सुरक्षा टीम और अनुभवी प्रशिक्षक शामिल हैं।
अभियान के दौरान 55वीं वाहिनी BSF द्वारा मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया गया। आसपास के गांवों के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।
अभियान का नेतृत्व Sudhanshu Nautiyal द्वारा कमांडर के रूप में किया जा रहा है, जबकि Ashish Kumar उप-कमांडर हैं। टीम अनुशासन, सुरक्षा और समन्वय के साथ इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह अभियान Mahakali River पर आयोजित किया जा रहा है, जो तेज़ जलधाराओं और अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। नदी भारत-नेपाल सीमा पर बहती है, जिससे इसका सामरिक और भौगोलिक महत्व भी अत्यधिक है।
अभियान भारत सरकार के “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” अभियानों के अनुरूप आयोजित किया गया है। यह पहल जवानों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों, पर्यटन और युवाओं के सकारात्मक सहभाग को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगी।
