राष्ट्रीय एकता दिवस पर उत्तराखंड पुलिस को मिला नया ध्येय वाक्य 'कर्म सत्यं शौर्यम्', जानें नवीन प्रतीकों का अर्थ

Published: 02 Nov 2026, 12:03 PM
Category: राज्य   |   By: Rishikesh Darpan

देहरादून। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण किया गया, जिसमें पुलिस को नया ध्येय वाक्य 'कर्म सत्यं शौर्यम्' भी मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि यह ध्येय वाक्य कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है, जिसे पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अवसर भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की देन है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

उत्तराखंड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, 'सत्यमेव जयते', स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है। यह प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।

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