Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
देहरादून। एमबीबीएस में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाने के मामले में एसआईटी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस जांच में फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल से कई बड़े राज खुल रहे हैं। एसआईटी ने हाल ही में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी बेटियों के दाखिले के लिए इन कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।
एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान सबसे पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पतों का सत्यापन किया। इस सत्यापन में पता चला कि ये पते गलत थे। इसके बाद टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दाखिले से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इन दस्तावेजों की गहन जांच के दौरान अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी प्रवीण कुमार, हरिद्वार के जगपाल सिंह और बिजनौर निवासी रामपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने अपनी बेटियों के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवाए थे। एसआईटी ने 13 सितंबर को दर्ज हुई एफआईआर के बाद से ही इस मामले में सक्रियता से कार्रवाई की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
