Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
नैनीताल। रामनगर के पुछड़ी गांव में वन विभाग की जमीन पर हुए अवैध कब्जों की जड़ें गहरे तक फैली हुई थीं। यहां दस रुपये के स्टांप पर जमीन एक-दूसरे को बेची जाती रही, जिससे जमीन के इस अवैध खेल में माफिया ने खूब चांदी काटी। बाहरी लोगों ने भी पुछड़ी में कई जमीनें खरीदीं, जिसे रामनगर में जनसांख्यिकी बदलाव के रूप में भी देखा गया।
अवैध कब्जेदारों ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर उसे निजी संपत्ति की तरह बेचना शुरू कर दिया था। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई ने ऐसे भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
प्रशासन ने इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह के कृत्यों पर लगाम लगाई जा सके। यह अभियान न केवल अतिक्रमण हटाने, बल्कि अवैध भूमि सौदों के पीछे के सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
