Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
टिहरी। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, रानीचैरी में उपनल और संविदा कर्मचारियों ने वेतन निर्धारण में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन और बढ़े हुए मानदेय की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक बदहाली को दर्शाने के लिए भीख मांगकर विरोध जताया, जिससे उनकी स्थिति की गंभीरता सामने आई।
कर्मचारियों का आरोप है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर भी उन्हें वेतन से वंचित रखा गया, जिससे उनके परिवारों में निराशा का माहौल है। वे वर्षों से विश्वविद्यालय को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। वेतन संबंधी अनिश्चितता और कमी के कारण उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया।
विश्वविद्यालय के डीन ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में, विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों के पदों और पात्रता के आधार पर वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि शासन स्तर से अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति और आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। डीन ने स्वीकार किया कि व्यक्ति विशेष के नाम पर स्वीकृति मिलने के बाद ही बढ़ा हुआ मानदेय दिया जा सकेगा।
कर्मचारियों ने शासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों को अनसुना किया गया, तो वे भविष्य में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
