Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
बागेश्वर में एक नया साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की गई है। इस घटना में एक अज्ञात विदेशी मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया, जिसकी प्रोफाइल पर जिलाधिकारी की तस्वीर लगाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया।
जानकारी के अनुसार, इस विदेशी नंबर से फर्जी संदेश भेजे गए, जिनमें जिलाधिकारी के नाम पर धनराशि की मांग की गई। चूंकि मोबाइल नंबर की प्रोफाइल पर जिलाधिकारी की फोटो लगी थी, इसलिए ऐसे संदेशों को वास्तविक मानने की आशंका बढ़ गई थी। इस मामले के संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने इस घटना के मद्देनजर आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी अधिकारी का नाम या फोटो देखकर किसी संदेश पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति अधिकारी बनकर रुपये की मांग करता है, तो धनराशि भेजने से पहले संबंधित अधिकारी से आधिकारिक माध्यम से उसकी पुष्टि अवश्य करें। बिना सत्यापन के किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन न करें।
जिला सूचना अधिकारी एस वर्मा ने बताया कि यह विदेशी नंबर है और उस पर जिलाधिकारी की तस्वीर लगाई गई थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध संदेशों, फोन कॉल या धनराशि संबंधी अनुरोधों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति अधिकारी, कर्मचारी या परिचित बनकर रुपये मांगता है, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें और संदिग्ध संदेश मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें। पुलिस इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
