Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
देहरादून। उत्तराखंड के हजारों बेरोजगार युवाओं ने शुक्रवार को सचिवालय कूच कर सरकार को अपनी मांगों पर ध्यान देने की चेतावनी दी। लंबे समय से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे युवाओं ने उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में परेड ग्राउंड से सचिवालय तक महारैली निकाली, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने इस दौरान युवाओं की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञप्तियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई विभागों में अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हुए हैं, वहीं विभिन्न भर्तियों की प्रक्रियाएं सालों से लंबित हैं और परीक्षा परिणामों में भी भारी देरी हो रही है। इन सब कारणों से युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
कंडवाल ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं की 17 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञप्तियां जारी करनी चाहिए और लंबित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए ताकि युवाओं को राहत मिल सके।
युवाओं की प्रमुख मांगों में सिंचाई विभाग में प्रतिरूप सहायक, लोक निर्माण विभाग में अमीन, शहरी विकास विभाग में अधिशासी अधिकारी, पर्यावरण पर्यवेक्षक और कर संग्रहकर्ता के पदों पर भर्ती शामिल है। इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष और आइटीआइ में अनुदेशकों के 859 रिक्त पदों पर भी भर्ती की मांग प्रमुखता से उठाई गई। युवाओं ने सभी विभागों में रिक्त पदों का आकलन कर एक स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी करने और चयन प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी को रोकने की भी मांग की।
