Published:
02 Nov 2026, 12:03 PM
Category:
राज्य
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By: Rishikesh Darpan
देहरादून। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल हुई है, जहां उत्तराखंड के पीपल पड़ाव वन रेंज में एक गहरे गड्ढे में फंसे आठ वर्षीय जंगली हाथी को न केवल बचाया गया बल्कि व्यापक उपचार के बाद उसे उसके प्राकृतिक पर्यावास और झुंड में वापस लौटाया गया। यह सफलता उत्तराखंड वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस के संयुक्त और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
25 अक्टूबर की रात को लगभग एक मीटर गहरे गड्ढे से हाथी को बाहर निकालने का चुनौतीपूर्ण कार्य पूरा किया गया था। हालांकि, बचाव के बाद हाथी स्वयं खड़ा होने में असमर्थ था, जिससे उसकी जान बचाने के लिए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी। वन विभाग की पशु चिकित्सा टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और वाइल्डलाइफ एसओएस के विशेषज्ञ भी उनकी सहायता के लिए आगे आए।
हाथी की जांच में उसकी पीठ के ऊपरी हिस्से में सूजन और संभावित रीढ़ की हड्डी की चोट का पता चला। उसे शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए तरल पदार्थ, लेजर थेरेपी, दर्द प्रबंधन और घाव की ड्रेसिंग सहित विभिन्न उपचार प्रदान किए गए। शुरुआती कोशिशों में जेसीबी और स्लिंग की मदद से भी हाथी को खड़ा नहीं किया जा सका, क्योंकि वह अपने शरीर का भार नहीं संभाल पा रहा था। यह उपचार प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण और धैर्य की मांग करने वाली थी।
लगातार निगरानी और उपचार के परिणामस्वरूप, हाथी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उसने भोजन और पानी ग्रहण करना शुरू किया, जो उसकी रिकवरी का एक महत्वपूर्ण संकेत था। अंततः, एक और प्रयास में, जेसीबी और स्लिंग की सहायता से हाथी स्वयं खड़ा होने में सफल रहा। उसके दाहिने अगले पैर में कुछ सूजन और लंगड़ाहट बनी हुई थी, जिसके लिए उपचार जारी रखा गया। इस पूरी प्रक्रिया का सबसे सुखद अंत तब हुआ जब हाथी अपने झुंड की ओर बढ़ा और सफलतापूर्वक उनसे जा मिला, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति किए गए सभी प्रयासों की सच्ची विजय है।
