दीपावली में ध्वनि प्रदूषण पर रहेगी विशेष नजर, टिहरी भी निगरानी के दायरे में शामिल

Published: 02 Nov 2026, 12:03 PM
Category: राज्य   |   By: Rishikesh Darpan

देहरादून। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण की स्थिति पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। वायु प्रदूषण की जांच के साथ-साथ, पटाखों और अन्य गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले शोर के स्तर का भी विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य दीपावली से पहले और बाद के ध्वनि प्रदूषण के ग्राफ की तुलना करना है, ताकि पर्व के दौरान होने वाले अतिरिक्त शोर के प्रभाव को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

बोर्ड मुख्यालय ने इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालयों को पत्र जारी कर दिए हैं, जिसमें ध्वनि प्रदूषण की निगरानी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश शामिल हैं। ध्वनि स्तर का मापन कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्या ध्वनि प्रदूषण की अधिकतम स्वीकार्य सीमा का उल्लंघन हो रहा है। यह तुलनात्मक अध्ययन भविष्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की रणनीतियों में सहायक होगा।

इस वर्ष प्रदूषण की जांच में टिहरी जिले को भी शामिल किया गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण बदलाव है। देहरादून के दो स्थल और ऋषिकेश का एक स्थल पहले की तरह ही ध्वनि और वायु प्रदूषण दोनों की निगरानी के दायरे में रहेंगे। यह विस्तार विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में प्रदूषण के प्रभावों को समझने में मदद करेगा।

हालांकि दीपावली की रात वायु प्रदूषण का ग्राफ बेहद अधिक हो जाता है, लेकिन बोर्ड इस बात से संतुष्ट है कि धीरे-धीरे नागरिक पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। पिछली कुछ दीपावलियों में वायु प्रदूषण के स्तर में कमी देखने को मिली है, और उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी नागरिक ध्वनि और वायु प्रदूषण दोनों को लेकर और अधिक सचेत नजर आएंगे और जिम्मेदार व्यवहार का प्रदर्शन करेंगे।

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